
22 दिन बाद जेल से बाहर आईं शालू, बदली जांच की दिशा; भाई धीरज बोले- पुलिस की निष्पक्ष जांच से सामने आया सच
कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जांच के दौरान कहानी ने बड़ा मोड़ ले लिया है। हत्या के मामले में आरोपी बनाकर जेल भेजी गईं विनीत मिनोचा की बहू शालू मिनोचा करीब 22 दिन बाद सोमवार को जेल से बाहर आ गईं। विवेचना के दौरान पुलिस को शालू की भूमिका के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उनके संबंध में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। अदालत ने ₹50 हजार के निजी मुचलके पर शालू की रिहाई का आदेश दिया।
5 सितंबर की रात हुई थी हत्या
पुलिस और सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, 5 सितंबर 2026 की रात कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के आधार पर शालू मिनोचा का नाम भी हत्या की कथित साजिश से जोड़ा गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
जांच आगे बढ़ी तो बदली कहानी
विवेचना आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने मामले के दूसरे पहलुओं की भी जांच की। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, चाबी और घर में प्रवेश से जुड़े तथ्यों समेत कई बिंदुओं की पड़ताल की गई। इसके बाद जांच की दिशा मृतक के बेटे सुब्रत मिनोचा की ओर मुड़ी। पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार करते हुए हत्या की साजिश में भूमिका होने का आरोप लगाया। पुलिस के इन आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण अभी होना बाकी है।
शालू के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले
विवेचना के दौरान पुलिस ने शालू की भूमिका की भी पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उनके संबंध में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई। अदालत ने ₹50 हजार के निजी मुचलके पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। रिहाई के बाद शालू को आवश्यकता पड़ने पर जांच या अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा।
22 दिन बाद भाई से लिपटकर छलका दर्द
जेल से बाहर आते ही शालू अपने भाई धीरज अरोड़ा से लिपटकर भावुक हो गईं। करीब 22 दिनों बाद बहन को जेल से बाहर देखकर परिवार के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। इसके बाद शालू लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। शालू ने कहा कि वह सबसे पहले अपने बेटे से मिलना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह फिलहाल कानपुर वापस नहीं आना चाहतीं।
भाई धीरज बोले- पुलिस की निष्पक्ष जांच से हम संतुष्ट
शालू के भाई धीरज अरोड़ा ने रिहाई के बाद कहा कि आज का फैसला पूरे परिवार के लिए खुशी का मौका है। उन्होंने अदालत और अपने वकील का तहेदिल से धन्यवाद किया। साथ ही पुलिस प्रशासन का भी आभार जताते हुए कहा कि पुलिस ने निष्पक्ष तरीके से विवेचना की और जांच के दौरान जो खुलासे किए, उससे परिवार संतुष्ट है।
धीरज ने कहा कि परिवार को शुरुआत से उम्मीद थी कि पुलिस अपनी विवेचना सही तरीके से करेगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था सबके लिए समान है और उनके परिवार को भी पुलिस प्रशासन से अच्छा सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि बहन के बाहर आने की खुशी के साथ भावुकता भी है और पूरा परिवार उनके घर लौटने का इंतजार कर रहा है।
एक हत्या, बदलती जांच और कई सवाल
विनीत मिनोचा हत्याकांड में शुरुआती जांच से लेकर मौजूदा स्थिति तक कई बड़े मोड़ सामने आए हैं। शुरुआत में शालू समेत अन्य लोगों पर पुलिस की कार्रवाई हुई, लेकिन बाद की विवेचना में पुलिस ने सुब्रत की भूमिका सामने आने का दावा किया। वहीं शालू के संबंध में पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।
अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। सुब्रत और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
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